🕉️🔱सभी शिव भक्तों को
पावन व्रत महाशिवरात्रि
की हार्दिक शुभकामनाएं !
शिवरात्रि सरल पूजन विधि-
कल रविवार सुबह नहा धोकर भगवान शिव का पूजन करें, पंचोपचार पूजन करें, फिर शिवरात्रि का व्रत करने का संकल्प लें। संकल्प में स्पष्ट कहें कि व्रत जलाहार, फलाहार या निराहार जैसे रहना हो कहैं।
दिन भर, नमः शिवाय या ॐ नमः शिवाय। मानसिक जप करते रहें, शाम होने पर फिर से शिवजी का पंचोपचार पूजन करें, फिर रात मे प्रथम प्रहर होने पर शिवजी का पूजन चन्दन चावल काले तिल कमल और कनेर के फूल से करें।
ॐ भवाय नमः
ॐ शर्वाय नमः
ॐ रूद्राय नमः
ॐ पशुपताय नमः
ॐ उग्राय नमः
ॐ महानाय नमः
ॐ भीमाय नमः
ॐ ईषानाय नमः
इन आठ नामो का जाप करें। नैवेध मे पकवान अर्पित करें। नारियल और पान के साथ अर्घ्य दें।
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें।
दूसरे प्रहर लगने पर शिवजी का तिल जौ कमल पुष्प विल्वपत्र द्वारा पूजन करें। खीर का नैवेद्य प्रदान करें। बिजौरा नीबू के साथ अर्घ्य दें, ॐ नमः शिवाय का प्रथम प्रहर की अपेक्षा दुगना मंत्र जाप करें।
तीसरे प्रहर होने पर फिर से शिवजी का गेहूं, आक के फूल, कमल पुष्प, विल्वपत्र, तिल द्वारा पूजन करें। पुऐ का नैवेध एवं शाक अर्पित करें। कपूर से आरती करें अनार के फल के साथ अर्घ्य दें। ॐ नमः शिवाय का दूसरे प्रहर की अपेक्षा दुगने मंत्र का जाप करें।
चतुर्थ प्रहर होने पर शिवजी का उडद, कागनी मूगं, सप्तधान, शंखपुष्पी, विल्वपत्र से पूजा करें। उडद के बडै, मिठाई का नैवेध प्रदान करें। केले के साथ अर्घ्य दें। तीसरे प्रहर की अपेक्षा ॐ नमः शिवाय का आठ गुना मंत्र का जाप करें फिर सुबह होने तक जाप भजन करते रहें। सुबह फिर भगवान शिव का पूजन करें और पूजन का विसर्जन करें तथा क्षमा प्रार्थना अवश्य करें।
शिवलिंग पर पूजा करने वाले साधक प्रत्येक पूजा मे शिवलिंग को दूध दही घी शहद शक्कर गंगाजल गन्ना का रस शुद्ध पानी आदि से स्नान कराये या जो सुलभ हो जाये उससे करा लें।
पूजन मे कोई सामग्री ना मिले तो जो मिल जाये उसी से पूजन करें। प्रथम प्रहर मे जाप उतना ही करें जितने का चौथे प्रहर मे आठ गुना जाप कर सकें।
किसी कामना के लिये पूजन करना चाहते हैं तो संकल्प में स्पष्ट बोल दें शिव जी की कृपा से वो कामना अवश्य ही शीघ्र पूरी हो जायेगी। प्रत्येक प्रहर मे धूप दीप अवश्य दें। शिवरात्रि का पूजन आप परिवार सहित करें, मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
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