कुंडली में बाधक ग्रह

कुंडली में बाधक ग्रह (Badhaka Planet) जीवन में चल रहे कार्यों में रुकावट, देरी या असफलता का कारण बनते हैं। इनके उपाय मुख्य रूप से भगवान गणेश की पूजा, बाधक ग्रह के मंत्र जाप और विशिष्ट वस्तुओं के दान पर आधारित हैं। सामान्यतः, बाधक ग्रह के लिए संबंधित दिन पर उपाय करने से लाभ होता है

बाधक ग्रह के सामान्य उपाय (General Remedies)

  • गणेश पूजा: गणेश जी को दुर्वा, मोदक और चंदन अर्पित करें। “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार जाप करें।
  • गाय की सेवा: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं।
  • दान: बुधवार को साबूत मूंग का दान करें।
  • मुख्य द्वार के उपाय: रोज सुबह घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा पानी डालें और “ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः” बोलें। 

लग्न अनुसार बाधक ग्रह और विशिष्ट उपाय 

  • मेष, सिंह, धनु (अग्नि तत्व): बाधक ग्रह – शनि। उपाय: शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं, हनुमान चालीसा का पाठ करें, और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  • वृषभ, कन्या, मकर (पृथ्वी तत्व): बाधक ग्रह – चंद्रमा। उपाय: सोमवार को शिवजी का दुग्धाभिषेक करें, सफेद वस्तुओं (दूध, चावल) का दान करें।
  • मिथुन, तुला, कुंभ (वायु तत्व): बाधक ग्रह – गुरु/बृहस्पति। उपाय: गुरुवार को मंदिर में पीली वस्तुएं (चना दाल, पीले कपड़े) दान करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • कर्क, वृश्चिक, मीन (जल तत्व): बाधक ग्रह – मंगल/केतु। उपाय: मंगलवार को गणेश जी की पूजा करें, मसूर की दाल दान करें या केतु के लिए काले कुत्ते को भोजन कराएं। 

विशेष सलाह

  • बाधक ग्रह जिस भाव का स्वामी हो (जैसे 7, 11, या 9), उस स्थान से संबंधित व्यक्ति या स्थान की सेवा करने से बाधा कम होती है।
  • शनिवार को घर में मांसाहार न पकाएं और न खाएं। 

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