लोगों के दुश्मन बढ़ने लगते हैं। इंसान जिंदगी से भी नाखुश हो जाता है और कभी-कभी तो घर जाने का फैसला भी कर लेता है।
इन सभी दुखों को दूर करने के लिए भगवान हमेशा साथ देते हैं। इसलिए जहां दर्द है वहां दर्द से मुक्ति भी है, आइए जानते हैं कुंडली में विष योग के प्रभाव को दूर करने के उपाय:
1. विष योग से बचने के लिए चन्द्रमा और शनि को मनाना बेहद जरूरी है। इसलिए चन्द्रमा शनि को शांत करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, जिन्हें जरूर करें।
2. पीपल के वृक्ष में अन्य देवी-देवताओं का वास माना जाता है। अत: इस अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विष योग के निवारण हेतु पीपल के पेड़ पर नारियल को 7 बार सिर से उतारकर उस नारियल को पीपल में भिगोकर प्रसाद के रूप में सभी को बांट दें।
3. शनि को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार को शनि मंदिर जाएं और तेल का दीपक जलाएं साथ ही याद रखें कि शनिवार को कभी भी चीनी न खाएं।
4. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर तेल चढ़ाएं और उसमें काली उड़द व काले तिल डालें, दीपक जलाएं और ॐ सौं शनैश्चै नमः का जाप करें।
5. शनि मंदिर में जाने से पहले गुड़ की रोटी बनाएं और तिल का प्रसाद बनाकर भगवान को चढ़ाएं तथा उसके बाद कुत्तों को खिला दें।
6. साथ ही भगवान शिव को भी प्रसन्न करें। गायत्री मंत्र का जाप करें और भगवान शिव के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
7. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह मंत्र हर समस्या से बचने में मदद करता है। विष योग के प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव को प्रसन्न करें ताकि चंद्र देव भी प्रसन्न हो सकें।
8. सोमवार और शनिवार को विशेष मानकर दोनों दिन व्रत रखें और भूखे को भोजन कराकर इस खतरनाक विष योग से अवश्य मुक्ति पा सकते हैं।
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