हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रुक्मिणी अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां रुक्मिणी और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन द्वापर युग में विदर्भ के राजा भीष्मक के घर देवी रुक्मिणी का जन्म हुआ था। देवी रुक्मिणी को मां लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। रुक्मिणी अष्टमी के दिन व्रत करने और देवी रुक्मिणी की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को अन्न, धन, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब ऐसे में रुक्मिणी अष्टमी का स्तोत्र करने से व्यक्ति को उत्तम परिणाम मिल सकते हैं।
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