ईशानकोणमेंशौचालयहोनेकेनुकसान
पूर्व और उत्तर दिशा के कोण को ईशान कोण कहते हैं अर्थात ईशान दिशा होती है .
वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण देवताओं का और सकारात्मक शक्तियों का स्थान होता है .
यदि ईशान कोण घर या व्यापार के प्रतिष्ठान में दूषित हो जाए अथवा वहां पर शौचालय स्नानघर बना हो तो वह स्थान दूषित हो जाता है. और घर में सकारात्मक शक्तियों का प्रवेश बंद हो जाता है.
आपके अर्जित पुण्य जब तक साथ देते हैं तब तक समस्या नहीं दिखाई पड़ती.
किंतु समय के साथ यह दोष अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देता है इसका प्रमुख लक्षण यह है कि घर में रोग बीमारी अधिक से अधिक संख्या में होने लगती हैं एक व्यक्ति ठीक होता है तो दूसरा व्यक्ति बीमार हो जाता है ऐसी स्थिति में घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश भूत प्रेत आदि का प्रभाव और तंत्र आदि का प्रभाव बहुत आसानी से हो जाता है
#उपाय
ईशान कोण में बने हुए शौचालय को तत्काल हटा देना चाहिए.
उस स्थान को शुद्ध कर देना चाहिए
वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर में पारिजात अर्थात हरसिंगार का पौधा लगा देना चाहिए
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