मंत्र + तंत्र + दान — तीनों का संगम!
🔱 रोज़ सुबह (दिन 1 से 41)
स्नान के बाद एक लोटा गंगाजल + दूध + सफेद चंदन + 3 बेल पत्र लें।
शिवलिंग पर अर्पण करें और जाप करें:
“ॐ नमः शिवाय ॐ काल सर्प दोष निवारणाय फट्” — १०८ बार।
🕉 हर सोमवार
मंदिर में चाँदी का नाग–नागिन शिवलिंग पर चढ़ा दें।
४१ दिन का दमदार कालसर्प दोष निवारण उपाय 🌟
काला कपड़ा + नारियल + काला तिल दान करें।
🪔 हर शनिवार
पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
7 काली उड़द के दाने छोड़ दें।
7 बार पीपल का परिक्रमा करते हुए जाप करें:
“ॐ राहवे नमः”।
📿 अंतिम दिन (दिन 41)
9 छोटे रंग-बिरंगे पत्थर (नवरत्न रूप) गंगाजल में डालकर सफेद कपड़े में लपेटें।
शिव मंदिर में चढ़ा दें।
11 बार महामृत्युंजय मंत्र पाठ करें:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
✨ लाभ
✅ राहु–केतु का प्रभाव तेज़ी से कम होता है।
✅ रुके काम, कोर्ट-कचहरी, स्वास्थ्य और रिश्तों में सुधार।
✅ मानसिक शांति + नई अवसरों की प्राप्ति।
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