शनि अमावस्या

Written by

in

शनि अमावस्या  अत्यंत शक्तिशाली और दुर्लभ तिथि मानी जाती है। यह तब आती है जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़े। यह दिन शनि देव को प्रसन्न करने, पितृ शांति, पूर्वजों की कृपा प्राप्त करने, शत्रु बाधा निवारण, ऋण मुक्ति, और तांत्रिक साधनाओं के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

शनि अमावस्या का महत्व
1. शनि पीड़ा शांति – शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैया और शनि की प्रतिकूल स्थिति से मुक्ति।
2. पितृ शांति – अमावस्या पितरों का दिन है, और शनिवार को आने से पितृ शांति के विशेष उपाय कारगर होते हैं।
3. ऋण मुक्ति – कर्ज़ से छुटकारा पाने का उत्तम समय।
4. तांत्रिक साधनाओं की सिद्धि – इस दिन की रात को सिद्धि साधनाएं, शत्रु निवारण प्रयोग और विशेष टोटके अत्यंत प्रभावी होते हैं।
5. नकारात्मक ऊर्जा शांति – घर या जीवन से बुरी शक्तियों, नजर-दोष और बाधाओं को दूर करने का अवसर।

🔮 शनि अमावस्या पर तांत्रिक उपाय व टोटके

  1. शनि शांति हेतु
    • पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    • “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जप करें।
  2. ऋण मुक्ति टोटका
    • काले कपड़े में 7 काली उड़द की दाल, 7 लोहे की कीलें, और थोड़ा सा सरसों का तेल रखकर नदी में प्रवाहित करें।
  3. शत्रु बाधा निवारण
    • शनि अमावस्या की रात काले तिल और सरसों को आग में डालते हुए शत्रु का नाम लेकर मंत्र जपें:
    “ॐ प्राणप्रियाय नमः”
    • इससे शत्रु की बाधाएं शांत होती हैं।
  4. पितृ शांति प्रयोग
    • पितरों के नाम से तिल, जल और पका भोजन अर्पण करें।
    • ब्राह्मणों को खिचड़ी व तिलदान करना विशेष फल देता है।
  5. काले जादू/बाधा मुक्ति
    • आधी रात को 7 नींबू लेकर चौराहे पर रखकर उन पर 21 बार “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” जप करें और नींबू वहीं छोड़ आएं।

🪔 शनि अमावस्या पर दान

दान करने से शनि की कृपा शीघ्र मिलती है। इस दिन यह दान करें –
• काले तिल, काली उड़द, सरसों का तेल
• काला वस्त्र, काला जूता या छाता
• लोहे की वस्तुएं
• गरीब और अपंग व्यक्तियों को भोजन

👉

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *