Combinations for Proficiency
Here are some planetary combinations for making one proficient in astrology.
According to Bhavartha Ratnakar (Chap. 2, Education):
If Mercury is in the 4th house, the person becomes proficient in Astrology.
If the Sun. Mercury and Rahu he in the 5th house, the native becomes learned in astrology.
The person becomes well versed in astrology if the Sun and Mercury in his horoscope are in 2nd house. He becomes a mathematician if this combination is aspected by Saturn.
According to Sarvartha Chintamani,
If Mercury is in a Kendra. the lord of 2nd house is strong and Venus is located in the 2nd or 3rd house with a benefic; or if Venus is in exaltation in the 2nd house, the native becomes the foremost among the astrologers.
The 6th, 8th and 12th houses are called ‘hidden’ houses. The 8th and 12th houses deal with extra-sensory perceptions and play an important role in the horoscopes of astrologers and mystics. The lord of the 5th in 10th would be in the 6th from the 5th; and the location of the 10th lord in the 5th would mean he is in the 8th from the 10th. The lord of 10th in the 9th is again in the 12th from the 10th. Such planetary positions in Navamsa as well indicate that the native will be drawn to the study of astrology.
Further,
If the lord of 2nd is the Sun or Mars and is aspected by Jupiter and Venus and Mercury is in Parvatamsa (strong in the same sign in 6 Vargas, the native knows the rationale of astrology.
Brihat Parasara Hora Sastra (Chap 9, Sloka 91) also states: If Ketu occupies the Ascendant, the 5th. 9th or the Karakamsa. the native becomes an expert in mathematics and astrology.
Among the planets, Jupiter represents Gnana (Divine knowledge), prosperity, status and fame in life. Mercury represents knowledge, grasping power and prompt decision-making. Strong Mercury gives mathematical ability which forms the basis of astrological calculations. The role of Mercury in making the native a proficient astrologer is quite important. Mars shows energy, sharpness and logic. The Sun is the source of all knowledge and confers name, fame and status to the native. Saturn gives perseverance, patience, and a research-oriented mind. A strong and unaffilicted Saturn means more happiness and less misery in life. The strength and association of these planets with the Ascendant and the Ascendant lord gives proficiency in astrology.
Author: admin
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Combinations for ProficiencyHere are some planetary
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केतु #ग्रह की अनुकूलता के उपाय
#केतु #ग्रह की अनुकूलता के उपाय
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- भगवान श्रीगणेश जी का पूजार्चन करना चाहिए।
- बच्चों को केले तथा कुत्तों को तेल लगाकर रोटी खिलानी चाहिए। कुत्तों को चोट भी न मारें।
- मामाजी की सेवा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
- किसी भी धर्मस्थल पर ध्वजा (झंडा) चढ़ाएं।
केतु कि अशुभता से बचने के लिए लोहा, तिल, तेल, दो रंग वाला कम्बल या अन्य वस्त्र, सप्तधान, शस्त्र, लहसुनिया व स्वर्ण का दान रात्रि में करना चाहिए।
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चक्र फूल, जिसे स्टार ऐनीज़ भी कहा जाता है, ज्योतिष में कुछ उपाय
चक्र फूल, जिसे स्टार ऐनीज़ भी कहा जाता है, ज्योतिष में कुछ उपायों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, खासकर धन और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए. यह माना जाता है कि चक्र फूल सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और दुर्भाग्य को दूर करता है. इसके अलावा, इसका उपयोग बुरी नजर और नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए भी किया जाता है.
चक्र फूल के ज्योतिषीय उपाय:
- धन और समृद्धि:चक्र फूल को घर में रखने या जलाने से धन और समृद्धि आकर्षित होती है.
- नकारात्मकता से बचाव:चक्र फूल को घर के मुख्य द्वार पर लटकाने से बुरी नजर और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है.
- सकारात्मक ऊर्जा:चक्र फूल को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
- शुभता:चक्र फूल को घर में जलाने से शुभता आती है और घर में खुशहाली बनी रहती है.
- वास्तु दोष:चक्र फूल का उपयोग वास्तु दोषों को दूर करने के लिए भी किया जाता है.
चक्र फूल का उपयोग करने के तरीके:
- घर में रखना:चक्र फूल को घर के किसी भी कोने में रखा जा सकता है, खासकर मुख्य द्वार के पास.
- जलाना:चक्र फूल को जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाया जा सकता है.
- मुख्य द्वार पर लटकाना:चक्र फूल को मुख्य द्वार पर लटकाने से बुरी नजर और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है.
- पूजा में:चक्र फूल को पूजा में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर लक्ष्मी पूजा में.
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Effects of a Northwest Cut
North west corner of a house, according to Vastu Shastra, can lead to instability, restlessness, and potential issues with career and relationships. It’s considered a Vastu dosha, but there are remedies that can help mitigate the negative effects without requiring structural changes.
Effects of a Northwest Cut:
- Instability:A cut in the northwest corner is believed to create instability in the lives of the residents.
- Career and Relationships:It can negatively impact career prospects, friendships, and family relationships.
- Financial Issues:Business losses and financial instability are also potential consequences.
- Negative Energies:A cut can attract negative energies, leading to a sense of unease and disharmony within the home.
Vastu Remedies for a Northwest Cut:
- Metal Pyramids:Placing a metal pyramid in the affected corner can help balance the energies.
- Vastu Yantras:Vastu Yantras, especially Chandra Yantras, are recommended to counteract the negative effects.
- Colors:Using lighter shades like white, cream, or light grey in the northwest area can help create a more positive atmosphere.
- Wind Chimes:Hanging wind chimes in the northwest corner is another remedy to harmonize the space.
- Cleanliness and Light:Keeping the northwest corner clean and well-lit can also contribute to a more balanced environment.
- Air Purifying Plants:Introducing air-purifying plants like snake plants, spider plants, or peace lilies can improve the energy flow
- Vastu Crystals/Stones:Placing crystals like agate or conch shells in the northwest corner can also help.
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व्यवसाय (बिज़नेस) में तरक्की के लिए प्रभावशाली ज्योतिषीय उपाय
व्यवसाय (बिज़नेस) में तरक्की के लिए प्रभावशाली ज्योतिषीय उपाय
(ये उपाय ग्रहों की स्थिति, जन्मकुंडली व वास्तु दोषों के अनुसार भी काम करते हैं। सामान्य रूप से सभी पर लागू हो सकते हैं।)—
1. बुधवार को विशेष उपाय करें
बुध ग्रह व्यापार का कारक होता है।
उपाय:हर बुधवार गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं
7 हरे पत्ते वाले पान पर सुपारी और गुड़ रखकर मंदिर चढ़ाएं
5 बुधवार लगातार गरीब बच्चों को हरी मूंग की दाल दान करें
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2. दुकान/ऑफिस के प्रवेश द्वार पर लगाएं
स्वस्तिक का चिह्न लाल सिंदूर से बनाएं
ऊपर “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” लिखें
नींबू और हरी मिर्च हर शनिवार को बदलें
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杖 3. रोजाना दीपक जलाएं
तुलसी के पौधे के सामने हर शाम गाय के घी का दीपक जलाएं
दुकान या ऑफिस में सुबह-शाम धूप और दीपक लगाएं, खासकर उत्तर-पूर्व दिशा में
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4. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मंत्र
रोज सुबह 108 बार यह मंत्र जपें –
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
यह आर्थिक वृद्धि और ग्राहकों की संख्या बढ़ाने में सहायक होगा।—
刺 5. बुरी नजर से बचाव के लिए
शनिवार को एक काले कपड़े में नमक, राई, सूखा लाल मिर्च, लहसुन बांधकर दुकान में लटका दें
यह दुकान को बुरी नज़र व नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है
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6. पूर्णिमा व अमावस्या पर विशेष उपाय
पूर्णिमा की रात चांदी के सिक्के को लक्ष्मी जी के चरणों में रखकर पूजा करें और उसे तिजोरी में रखें
अमावस्या की रात 11 कौड़ियाँ काली मिर्च के साथ बहते जल में प्रवाहित करें
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裏 7. तिजोरी में रखें ये चीजें
गोल्डन रंग का कछुआ
चांदी का श्रीयंत्र
लाल कपड़े में बांधकर एक हल्दी की गांठ
)
鱗 8. राहु और शनि की शांति के उपाय करेंराहु और शनि व्यापार में अचानक नुकसान और रुकावट देते हैं।
उपाय:हर शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं
“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
राहु शांति के लिए नारियल को सिर पर से वार कर बहते जल में प्रवाहित करें (हर बुधवार)
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9. व्यापार में बरकत के लिए गोमती चक्र
11 गोमती चक्र लेकर उन्हें लाल कपड़े में बांधें
अपने गल्ले या तिजोरी में रखें
यह उपाय धनवृद्धि और ग्राहक बढ़ाने में सहायक होता है
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滋 10. दुकान में रखें यह विशेष वस्तुएं
कमल गट्टे की माला
स्फटिक का श्रीयंत्र
दुकान के उत्तर दिशा में मिरर (दर्पण) लगाने से समृद्धि बढ़ती है
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蝹 11. वास्तु अनुसार सुधार करें
दुकान/ऑफिस की एंट्री उत्तर या पूर्व दिशा में हो
किचन/पैंट्री को आग्नेय (South-East) कोण में रखें
तिजोरी या कैश बॉक्स को दक्षिण-पश्चिम (South-West) में रखें और उसका मुख उत्तर दिशा में हो
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12. विशेष ग्रहण या पर्वों पर करें दान
सूर्यग्रहण / चंद्रग्रहण के बाद तुलसी, गुड़, तिल और घी का दान करें
दीपावली की रात लक्ष्मी कुबेर यंत्र की स्थापना करें
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13. रोज सुबह यह 1 काम करें
दुकान खोलने से पहले घंटी या शंख बजाएं
इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
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刺 14. नजर दोष के लिए नींबू उपाय
हर मंगलवार या शनिवार, दुकान के मुख्य द्वार पर एक नींबू काटकर रखें
अगले दिन उसे बहते पानी में बहा दें
यह ग्राहकों की नजर या ईर्ष्या से बचाव करता है
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15. व्यापार वृद्धि के लिए सिद्ध मंत्र
“ॐ क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा”
इस मंत्र को 21 दिन तक रोज 108 बार जपें
व्यापार में वृद्धि और स्थिरता आती है
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शनि-राहु के साथ होने के प्रभाव
शनि-राहु के साथ होने के प्रभाव 1. मानसिक तनाव और भ्रम
व्यक्ति अपने निर्णयों को लेकर उलझा रहता है
संदेह, चिंता और अविश्वास की प्रवृत्ति बढ़ती है
2. कर्मिक उलझनें और संघर्ष
जीवन में बार-बार रुकावटें, मेहनत के बावजूद देरी
कर्मों का फल टलता है या उलझनों से होकर आता है
️ 3. समाज से दूरी या अलगाव
लोगों को समझने में परेशानी
कभी-कभी एकाकीपन या असामाजिक व्यवहार की भावना
4. धन संबंधी उतार-चढ़ाव
अचानक धन हानि या ग़लत निवेश
कभी-कभी कर्ज़ या न्यायिक मामलों में फँसाव
5. आध्यात्मिक दिशा में मोड़ (यदि शुभ प्रभाव हों)
व्यक्ति अचानक अध्यात्म, तंत्र या गूढ़ विद्या की ओर आकर्षित हो सकता है
यह संयोजन गहराई से सोचने वाला योग भी बना सकता है
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️ शनि-राहु के लिए प्रभावशाली उपाय
✅ 1. हनुमान जी की उपासना करें
➡️ विशेषतः मंगलवार और शनिवार
➡️ “ॐ हं हनुमते नमः” का जाप करें✅ 2. शनि और राहु के मंत्र का जाप करें
शनि: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
राहु: “ॐ राम राहवे नमः”
✅ 3. सरसों का तेल और काले तिल का दान करें
शनिवार को शनि मंदिर में
राहु के लिए नारियल और नींबू का दान करें
✅ 4. नीले और भूरे रंग के वस्त्रों से सावधानी रखें
बहुत अधिक न पहनें अगर कुंडली में दोष सक्रिय है
✅ 5. गाय को गुड़ और रोटी खिलाएँ
शनि और राहु दोनों को संतुलित करने का उपाय है
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वक्री ग्रहों (Retrograde Planets) का विस्तार से विवरण –
सभी प्रमुख वक्री ग्रहों (Retrograde Planets) का विस्तार से विवरण –
उनके असर, संदेश, और सटीक उपाय, सरल और प्रभावशाली हिंदी में:—
1. शनि वक्री (Saturn Retrograde)
प्रभाव:
जीवन में देरी, कठिन परीक्षा और कर्मों का फल सामने आता है
अधूरी जिम्मेदारियाँ वापस सिर पर आती हैं
आत्ममंथन और सुधार का समय
️ संदेश:
“धैर्य रखो, कर्म करो और पुराने कार्यों की समीक्षा करो।”
✅ उपाय:
हर शनिवार को काले तिल, काली उड़द, या लोहे का दान करें
शनि स्तोत्र या “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें
बुज़ुर्गों और गरीबों की सेवा करें
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2. बुध वक्री (Mercury Retrograde)
प्रभाव:
संचार, दस्तावेज़, मोबाइल/लैपटॉप, यात्रा में बाधा
गलतफहमियाँ और पुराने रिश्तों की वापसी
️ संदेश:
“रुको, सोचो, और साफ़ तरीके से बोलो – हर शब्द मायने रखता है।”
✅ उपाय:
गणेश जी की पूजा करें, “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें
हरे वस्त्र पहनें, हरी मूंग दान करें
महत्वपूर्ण निर्णय कुछ दिन टालें
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3. गुरु वक्री (Jupiter Retrograde)
प्रभाव:
विश्वास, धर्म, शिक्षा और भाग्य में असमंजस
आध्यात्मिक प्रश्नों का उभरना
️ संदेश:
“ज्ञान को भीतर खोजो, बाहर नहीं।”
✅ उपाय:
बृहस्पति वार को पीले वस्त्र, चने की दाल दान करें
“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें
गुरुजनों का सम्मान करें
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4. शुक्र वक्री (Venus Retrograde)
प्रभाव:
प्रेम संबंधों में भ्रम, टूट-फूट, अतीत के रिश्तों की वापसी
सौंदर्य, फैशन, और धन से जुड़े निर्णय उलझ सकते हैं
️ संदेश:
“सच्चा प्रेम भीतर है, बाहरी चमक भ्रम है।”
✅ उपाय:
शुक्रवार को सफेद मिठाई या सुगंधित वस्तुएँ दान करें
माँ लक्ष्मी की पूजा करें, “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
पति-पत्नी के बीच संवाद बढ़ाएं
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5. मंगल वक्री (Mars Retrograde)
प्रभाव:
गुस्सा बढ़ सकता है, निर्णय उलझ सकते हैं
ऊर्जा का गलत उपयोग या चोट की संभावना
️ संदेश:
“क्रोध को साधो, तभी विजय मिलेगी।”
✅ उपाय:
हनुमान जी की पूजा करें
“ॐ भौं भौमाय नमः” का जाप करें
मंगलवार को लाल मसूर या लाल चंदन दान करें
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️ 6. राहु-केतु वक्री (Rahu–Ketu Retrograde – ये सदैव वक्री रहते हैं)
प्रभाव:
मानसिक भ्रम, अचानक बदलाव, अजीब सपने, भय
केतु: अध्यात्म में खिंचाव
राहु: भटकाव और इच्छाओं में उलझाव
️ संदेश:
“ध्यान, मंत्र और आत्मनियंत्रण ही राह है।”
✅ उपाय:
“ॐ राम राहवे नमः” और “ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का जाप
नारियल, काले कपड़े और नींबू का दान करें
हनुमान जी की उपासना और सरसों के तेल का दीपक शनिवार को जलाएँ
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विशेष टिप्स वक्री ग्रहों के लिए:
वक्री काल में नया कार्य शुरू करने से बचें
पुराने कामों की समीक्षा करें, सुधार करें
ध्यान, योग और मंत्र जाप सबसे बड़ा सहारा है
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वक्री ग्रह (Retrograde Planets) हमें क्या संदेश देते हैं?
बहुत सुंदर प्रश्न!
वक्री ग्रह (Retrograde Planets) हमें क्या संदेश देते हैं?
जब कोई ग्रह वक्री होता है (पृथ्वी से देखने पर उल्टी दिशा में चलता है), तो उसका प्रभाव गहरा, आत्मविश्लेषणात्मक और karmic (कर्म आधारित) माना जाता है।
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वक्री ग्रहों के 5 गहरे संदेश:
1️⃣ अतीत की ओर लौटो – अधूरी सीख पूरी करो
वक्री ग्रह आपको यह कहते हैं:
“जो बातें तुमने पहले नजरअंदाज़ की थीं, उन्हें अब समझो।”
यह समय होता है पुराने संबंध, फैसले या कर्मों की समीक्षा का।—
2️⃣ बाहरी नहीं, भीतरी यात्रा ज़रूरी है
वक्री ग्रह आत्ममंथन का समय देते हैं।
“भीतर झांको, जवाब वहीं हैं।”
यह आध्यात्मिक उन्नति का समय होता है।—
3️⃣ धैर्य रखो, गति धीमी है लेकिन गहरी है
वक्री ग्रह कहते हैं:
“जल्दबाज़ी मत करो, हर अनुभव का अर्थ समझो।”
ये ग्रह काम में देरी कर सकते हैं, लेकिन सिखाते बहुत कुछ हैं।—
4️⃣ पुराने कर्म लौटते हैं
“अब तुम्हें पुराने कर्मों का फल मिलेगा – अच्छा या बुरा।”
विशेष रूप से शनि, गुरु और बुध वक्री इस संदेश को मजबूत करते हैं।—
5️⃣ सीखो, सुधरो और फिर से आगे बढ़ो
वक्री अवस्था आत्मविकास के लिए ब्रेक है, पीछे धकेलना नहीं।
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ध्यान देने योग्य वक्री ग्रह:
शनि वक्री: कर्मों की परीक्षा और आत्म-अनुशासन का समय
बुध वक्री: संवाद, टेक्नोलॉजी और रिश्तों की समीक्षा
गुरु वक्री: विश्वास और ज्ञान पर पुनर्विचार
शुक्र वक्री: प्रेम, सौंदर्य और मूल्य प्रणाली की जांच
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शनि वक्री 2025 – राशि अनुसार फलादेश व उपाय
शनि वक्री 2025 – राशि अनुसार फलादेश व उपाय
1️⃣ मेष राशि (Aries):
प्रभाव: खर्चे बढ़ सकते हैं, विदेशी यात्रा में रुकावट, सामाजिक मान-सम्मान में गिरावट।
उपाय: हनुमान जी की आराधना करें और शनिवार को काले तिल का दान करें।—
2️⃣ वृषभ राशि (Taurus):
प्रभाव: करियर में रुकावट, वरिष्ठों से टकराव संभव। कोर्ट-कचहरी से जुड़ा मामला हो सकता है।
उपाय: शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं, शनिचर अमावस्या पर दान करें।—
3️⃣ मिथुन राशि (Gemini):
प्रभाव: भाग्य कमजोर हो सकता है, धार्मिक कार्यों में रुकावट, शिक्षा में बाधा।
उपाय: पीपल के वृक्ष की पूजा करें और हर शनिवार को जल अर्पण करें।—
4️⃣ कर्क राशि (Cancer):
प्रभाव: आर्थिक लेन-देन में नुकसान, स्वास्थ्य संबंधी चिंता, मानसिक तनाव।
उपाय: शनिवार को काले कुत्ते या कौवे को रोटी खिलाएं।—
5️⃣ सिंह राशि (Leo):
प्रभाव: वैवाहिक जीवन में तनाव, साझेदारी में भ्रम, मुकदमेबाजी से बचें।
उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें और नीली वस्तु का दान करें।—
6️⃣ कन्या राशि (Virgo):
प्रभाव: नौकरी में समस्या, सहकर्मियों से तनाव, पेट से संबंधित रोग।
उपाय: शनिदेव को काली उड़द और सरसों का तेल अर्पित करें।—
7️⃣ तुला राशि (Libra):
प्रभाव: प्रेम संबंधों में दूरी, बच्चों से टकराव, पढ़ाई में बाधा।
उपाय: शनिवार को झाड़ू का दान करें, काले वस्त्र धारण न करें।—
8️⃣ वृश्चिक राशि (Scorpio):
प्रभाव: पारिवारिक कलह, प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में अड़चन, माता से दूरी।
उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें और बुजुर्गों की सेवा करें।—
9️⃣ धनु राशि (Sagittarius):
प्रभाव: यात्रा में विघ्न, भाई-बहनों से मनमुटाव, वाहन संबंधी परेशानी।
उपाय: काले तिल और लोहा शनिवार को मंदिर में दान करें।—
मकर राशि (Capricorn):
प्रभाव: आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है, आत्मविश्वास कम होगा।
उपाय: शनिवार को नीला फूल या नीला वस्त्र शनि मंदिर में अर्पित करें।—
1️⃣1️⃣ कुंभ राशि (Aquarius):
प्रभाव: शनि आपके ही राशि में वक्री हो रहे हैं, आत्मचिंतन का समय है। पुराने कामों की समीक्षा करें।
उपाय: तेल से भरे पात्र में अपना चेहरा देखकर उसमें काले तिल डालें और दान करें।—
1️⃣2️⃣ मीन राशि (Pisces):
प्रभाव: मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्या, रहस्यमयी खर्च।
उपाय: गरीबों को भोजन कराएं और शनि मंत्र का 108 बार जाप करें। -
मंगलवार को हनुमान जी के उपाय
️️मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें और अपनी मनोकामना कहें। जो भी व्यक्ति हनुमानजी को सिंदूर अर्पित करता है उससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।
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#Upay
#astrologersनौकर न टिके या परेशान करे तो :
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हर मंगलवार को मीठी बूंदी का प्रशाद लेकर मंदिर में चढा कर लडकियों में बांट दें ! ऐसा आप चार मंगलवार करें ।मानसिक परेशानी दूर करने के लिए :
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रोज़ हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें ! प्रत्येक शनिवार को शनि महराज को तेल चढायें । अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें ।भौतिक सुखों के लिये आज संध्याकाल में हनुमान जी को सफ़ेद मिठाई का भोग लगायें ।
astro Shalini Malhotra
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#उपायअगर शत्रु पीछे पड़ा हो, किसी को बिना किसी कारण से परेशान कर रहा हो तो हनुमान जी की शरण में जाएँ । नित्य हनुमान जी को गुड़ या बूंदी का भोग लगाएं, हनुमान जी को लाल गुलाब चढ़ाकर हनुमान चालीसा , बजरंग बाण का पाठ करें और प्रतिदिन कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें , और अपने उनसे शत्रु को नष्ट करने / परास्त करने की प्रार्थना करें।
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यदि शत्रु बहुत अधिक परेशान कर रहा हो तो एक मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक के सिन्दूर से मंगलवार या शनिवार रात्री में उस शत्रु का नाम लिख कर अपने घर के मंदिर में रात भर रखें फिर प्रातःकाल उठकर बिना नहाये धोए उस मोर पंख को बहते हुए पानी में बहा देने से शत्रु शान्त हो जाता है ।
Shalini malhotra
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